विश्वास,💯

 एक आदमी टीवी के बीमारी से काफी दिनों से परेशान थे ,

कई डॉक्टरों से इलाज करने के बाद भी कोई फायदा नजर नहीं आ रहा था बहुत सारा दवाई खा चुके थे !

इस बात को लेकर घर के सभी लोग चिंतित थे !

जो लोग सलाह देते उधर ही शुरू हो जाते 

एक दिन वह आदमी कहीं जा रहे थे बहुत चिंतित थे स्वास्थ्य को लेकर रास्ते में एक पेड़ मिला और वह पेड़ के छांव में बैठकर सोचने लगा क्या करूं !

 उसी समय एक बुजुर्ग आदमी भी पेड़ के छांव में आकर बैठे कुछ देर के बाद वह बुजुर्ग आदमी ने बीमार व्यक्ति से पूछा के बेटा बहुत परेशान लग रहे हो क्या बात है ?

बीमार व्यक्ति : रोते-रोते अपनी पूरी कहानी सुनाई 

इसमें बुजुर्ग व्यक्ति: ने उसे समझाया और बताया कि उस गांव में एक वैध जी रहते हैं 

वह टीवी का बहुत ही अच्छा इलाज करते हैं आप उससे जरूर मिलो एक बार 

बीमार व्यक्ति बड़ा ही खुश हुआ और अगले दिन सुबह-सुबह उस गांव की तरफ चल पड़े गांव पहुंचकर

 वैदजी की जानकारी ली 

वैधजी के घर पहुंचे घर वाले से पता चला कि वैदजी घर पर तो नहीं है वह अपने खेतों में काम कर रहे हैं वह उनके खेत का पता पूछा और खेतों की तरफ रवाना हो गए

 खेतों में उसे एक आदमी दिखा मेहनत करते हुए उनके पास जाकर पूछा 

वैदजी आप ही हैं ? 

मेहनत करने वाला आदमी :

  जी हां मैं ही वैदजी हूं  ! 

बोलो क्या परेशानी है बहुत परेशान दिख रहे हो ?

वह सारा कहानी वैदजी को सुना डाला 

वैदजी ने उससे पूछा कि आप पढ़े लिखे हो? 

आपको बता सकूं क्योंकि यहां लिखने के लिए मेरे पास कोई साधन नहीं है 

वह आदमी हाथ🙏 जोड़कर बोला है पढ़ाई लिखाई तो दूर

 मैं स्कूल के गेट तक कभी नहीं गया 

जो भी करना है आपको ही करना है आप कर दीजिए

 वैदजी सोचने लगे  में इसे दवाई का नाम बोल दूं तो समझ ही नहीं पाएंगे

 वैदजी के बगल में एक ईंट का टुकड़ा मिला और एक कोयले का छोटा सा टुकड़ा दिखा 

वैदजी कोयले से ईंट में दवाई का नाम लिखें और बीमार व्यक्ति को बोल दिया कि इसे खोल कर सुबह शाम पीना है 

वह व्यक्ति अगले 3 माह के बाद वैदजी के पास पहुंचते हैं

 वह वैदजी को नमस्कार🙏 किया 

 वैदजी :हालचाल पूछा?

 बीमार व्यक्ति : बहुत बढ़िया 

वैदजी :अब आपकी तबीयत कैसी है ?

 बीमार व्यक्ति : वैदजी बहुत बढ़िया है !

बीमार व्यक्ति: आधे से ज्यादा बीमारी खत्म हो चुके हैं

 वैदजी : आगे का खुराक आपने क्यों नहीं लिया ?

 बीमार व्यक्ति : जी असल में क्या है कि ईंट तो हमारे घर में भी है 

लेकिन वह मंत्र जो आपने लिखा था वह मेरे पास नहीं था 

इस बार मैं घर से बड़ा ईट लेकर आया हूं 

 आप सिर्फ मंत्र इसमें लिख दीजिए 

वैदजी को सारी बात समझ में आ गई यह सज्जन ईंट का ही घोल बनाकर सुबह-शाम पी रहा था 

सिर्फ विश्वास करके और वह अच्छा हो गया

 वैदजी फिर से कोयले का टुकड़ा लिया ईंट पर फिर से वही चीज लिख दिए 

और वह व्यक्ति अच्छा हो गया यह है

यह होता है 

🙏🙏विश्वास🙏🙏

                     🙏🙏धन्यवाद🙏🙏

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